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Tuesday, 6 August 2013

तेलंगाना का उदय: पूरी दास्तां...Telangana..

तेलंगाना का उदय: पूरी दास्तां

Telanganaकई दशकों से आंध्र प्रदेश से पृथक राज्य की मांग को
 मूर्त रूप देते हुए सरकार ने तेलंगाना के रूप में देश के 29 वें राज्य की घोषणा की है। तेलंगाना के अस्तित्व में आने के साथ ही कई छोटे राज्यों की मांग फिर से उठने की उम्मीद है:

क्षेत्रफल: 1.14 लाख वर्ग किमी.
जनसंख्या: 3.52 करोड़
जन घनत्व: 310 वर्ग किमी
प्रति व्यक्ति आय: 69 हजार
सालाना साक्षरता दर: 65 फीसद

जिले: आंध्र प्रदेश के उत्तरी हिस्से के 10 जिले आते हैं। जिनमें हैदराबाद, वारंगल, आदिलाबाद, खम्मम, महबूबनगर, नलगोंडा, रंगारेड्डी, करीमनगर, निजामाबाद और मेडक जिले शामिल हैं।

नदियां: मुसी, कृष्णा और गोदावरी

धरोहर: यूनेस्को ने इस साल मार्च में वारंगल शहर को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया।

नाम: माना जाता है कि त्रिलिंग देश शब्द से तेलंगाना शब्द की उत्पत्ति हुई है। मान्यता है कि तेलंगाना की सीमाओं को बनाने वाली तीन पहाड़ियों कालेश्वरम, श्रीसैलम और द्राक्षाराम में शिवलिंग स्थापित हैं। इन्हीं के आधार पर त्रिलिंग शब्द की व्युत्पत्ति हुई।

पृष्ठभूमि
आजादी के पहले यह निजाम के अधीन हैदराबाद रियासत का अंग था। 1948 में निजाम शासन के पतन के बाद इसके तेलुगु भाषी जिलों को आंध्र राज्य में शामिल किए जाने के मसले पर बहस शुरू हुई।
आंध्र राज्य
मद्रास प्रेजीडेंसी के उत्तरी हिस्से के तेलुगु भाषी जिलों (रायलसीमा और तटीय आंध्र) को अलग राज्य बनाए जाने के लिए पोट्टी श्रीरामुलू के नेतृत्व में सबसे पहले मांग शुरू हुई। 1952 में उनकी मौत के बाद आंदोलन हिंसक हो गया। नतीजतन एक अक्टूबर, 1953 को आंध्र राज्य अस्तित्व में आया।

राज्य पुर्नगठन आयोग
1953 में भाषाई आधार पर राज्यों के गठन के लिए राज्य पुर्नगठन आयोग (एसआरसी) बनाया गया। इसने तेलंगाना को आंध्र से पृथक अलग राज्य बनाए जाने की वकालत करते हुए इसके लिए हैदराबाद राज्य के नाम का सुझाव दिया। उसमें यह भी प्रावधान किया गया था कि यदि यह आंध्र में शामिल होना चाहे तो 1961 के विधानसभा चुनाव के बाद दो तिहाई सदस्यों की सहमति से यह आंध्र प्रदेश में शामिल हो सकता है।

 

अलग तेलंगाना की अलख जगाने वाले राव की पूरी कहानी...

नई दिल्ली। दशकों पुरानी अलग तेलंगाना राज्य की लड़ाई अब मुकाम तक पहुंच गई है। तमाम विरोध और पेचीदगियों के बावजूद संप्रग सरकार ने अब आंध्र प्रदेश को विभाजित कर अलग तेलंगाना राज्य बनाने के फैसले को हरी झंडी दिखा दी है।

पृथक तेलंगाना राज्य बनाने के कांग्रेस कार्यसमिति के फैसले का स्वागत करते हुए तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव ने मंगलवार को मांग की कि सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को साझी राजधानी बनाये जा रहे हैदराबाद के बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए। राव इस आंदोलन के राजनीतिक चेहरा हैं।

कल्वाकुंतला चंद्रशेखर राव का जीवन परिचय
तेलंगाना राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष और पंद्रहवीं लोकसभा के सदस्य कल्वाकुंतला चंद्रशेखर राव का जन्म 17 फरवरी, 1954 को आंध्र प्रदेश के मेदक जिले में हुआ था। वर्तमान समय में चंद्रशेखर राव महबूबनगर, आंध्र प्रदेश से सांसद हैं। इन्होंने तेलुगु साहित्य में स्नातकोत्तर की उपाधि भी ग्रहण की है। चंद्रशेखर राव का विवाह प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी जे. केशवराव की पुत्री शोभा से हुआ है। इनके बेटे के.टी. रामाराव राज्य के विधायक हैं।

कल्वाकुंतला चंद्रशेखर राव का राजनैतिक सफर
1983 के विधानसभा चुनावों में हार के साथ चंद्रशेखर राव के राजनैतिक कॅरियर की शुरूआत हुई। आगामी 1985 के चुनावों में तेलुगु देशम पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज करने के बाद वह विधानसभा सदस्य बन कैबिनेट में शामिल हुए। तेलुगु देशम पार्टी के सदस्य के तौर पर चंद्रशेखर राव विधानसभा उपाध्यक्ष भी रहे लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री से मनमुटाव बढ़ जाने के कारण उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
तेलांगाना राष्ट्रीय समिति की स्थापना
तेलंगाना नामक एक अलग राज्य की मांग को लेकर चंद्रशेखर राव ने तेलंगाना राष्ट्रीय समिति की स्थापना की। कांग्रेस के साथ गठबंधन का निर्माण कर तेलंगाना राष्ट्रीय समिति ने 2004 के चुनावों में हिस्सा लिया। चंद्रशेखर राव को जब यह लगने लगा कि कांग्रेस तेलंगाना निर्माण के लिए समर्थन देने की इच्छुक नहीं है तो उन्होंने कांग्रेस से अपना समर्थन वापस ले लिया। 2009 में विपक्षी दल के साथ गठबंधन कर तेलंगाना राष्ट्रीय समिति ने नौ सीटों पर चुनाव लड़ा।
लेकिन मात्र दो सीटों पर ही जीत दर्ज हो पाई।
इस चुनावी असफलता के कारण पार्टी के अधिकांश सदस्यों ने चंद्रशेखर राव को ही दोषी ठहराया। इन आरोपों से आहत होकर राव ने कुछ समय के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 2010 के उपचुनावों में तेलांगाना राष्ट्रीय समिति ने ग्यारह सीटों पर चुनाव लड़ा और सभी क्षेत्रों में जीत हासिल की।